सोनिया गांधी के ‘सांप्रदायिक नफरत’ फैलाने के आरोप पर BJP ने किया पलटवार, कहा-सस्ती राजनीति न करें

वरिष्‍ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) बैठक में लगाए गए आरोप पर कहा, "हम सांप्रदायिक विभाजन पैदा नहीं कर रहे हैं। हम एकजुट होकर कोविड-19 से लड़ रहे हैं। हम उनसे सस्ती राजनीति नहीं करने का अनुरोध करते हैं।

सोनिया गांधी के ‘सांप्रदायिक नफरत’ फैलाने के आरोप पर BJP ने किया पलटवार, कहा-सस्ती राजनीति न करें

अप्रैल 23, 2020

देश में कोरोना वायरस की महामारी के मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) द्वारा “सांप्रदायिक नफरत का वायरस फैलाने” के कथित आरोप पर बीजेपी (BJP) की प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस प्रमुख को इस मुद्दे पर “सस्ती राजनीति” नहीं करनी चाहिए। वरिष्‍ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) बैठक में लगाए गए आरोप पर कहा, “हम सांप्रदायिक विभाजन नहीं कर रहे हैं। हम एकजुट होकर कोविड-19 (COVID-19) से लड़ रहे हैं। हम उनसे सस्ती राजनीति नहीं करने का अनुरोध करते हैं।

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने CWC की बैठक में कहा था कि बीजेपी सामाजिक समरसता को “गंभीर नुकसान” पहुंचा रही है जबकि ऐसे समय सभी को एकजुट होकर कोरोना वायरस की महामारी का सामना करना चाहिए। कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ”मैं भी एक भारतीय की तरह आप सभी की चिंता में सहभागी हूं। जब हमें कोरोनावायरस से निपटना चाहिए तब भाजपा सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और घृणा का ‘वायरस’ फैलाना जारी रखे हुए है।” उन्‍होंने कहा कि “हमारी सामाजिक समरसता के लिए इससे गंभीर नुकसान हो रहा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।” बता दे कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेता वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए।

बताते चले कि सोनिया गांधी ने सीडब्‍ल्‍यूसी की बैठक में कहा, ‘‘किसान गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उपज की खरीद की कमजोर और अस्पष्ट नीतियों और बाधित आपूर्ति के मुद्दों का बिना विलंब किए समाधान करने की जरूरत है। खरीफ की फसल के लिए किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।” उन्होंने कहा, ‘‘लॉकडाउन के पहले चरण में 12 करोड़ लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। बेरोजगारी आगे बढ़ सकती है क्योंकि आर्थिक गतिविधियां रुकी हुई हैं। ऐसे में हर परिवार को 7500 हजार रुपये प्रदान करने की जरूरत है।” सोनिया ने सरकार से आग्रह किया, ‘‘MSME क्षेत्र से करीब 11 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। वे हमारी जीडीपी में एक तिहाई का योगदान देते हैं। अगर उन्हें आर्थिक बर्बादी से बचाना है तो उनके लिए तत्काल विशेष पैकेज की घोषणा करनी होगी।”

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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