RBI गवर्नर ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में वापसी करने के आसार

RBI Governor शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर आरबीआई नजर रखे हुए है। आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाया, ताकि बैंक निवेश बढ़ाएं।

RBI गवर्नर ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में वापसी करने के आसार

अप्रैल 17, 2020

RBI Governor शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर आरबीआई नजर रखे हुए है। आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाया, ताकि बैंक निवेश बढ़ाएं।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर आरबीआई नजर रखे हुए है। आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों के लिए 50,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया। साथ ही रिवर्स रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाया, ताकि बैंक निवेश बढ़ाएं। RBI ने रिवर्स रेपो दर 4% से घटाकर 3.75% की है। फिलहाल डिविडेंड पे-आउट बैंक नहीं देंगे। रेपो रेट में बदलाव नहीं है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ”महामारी के प्रकोप के दौरान सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की हैं। भारत के लिए आईएमएफ का जीडीपी वृद्धि अनुमान 1.9 प्रतिशत है, जो जी20 देशों में सबसे अधिक है। इसके अलावा RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में वापसी करने के आसार है।

आरबीआई गवर्नर ने आईएमएफ के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 2021-22 में तेजी से सुधार की उम्मीद है। फरवरी के आईआईपी आंकड़ों में कोविड-19 के प्रभाव समाहित नहीं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मार्च में ऑटोमोबाइल उत्पादन, बिक्री में तेज गिरावट, बिजली मांग भी तेजी से घटी है। मार्च में निर्यात 34.6% घटा, जो 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट की तुलना में कहीं अधिक है।”

शक्तिकांत दास ने कहा, ”केंद्रीय बैंक के कदमों से बैंकिंग प्रणाली में नकदी की स्थिति में सुधार आया है, यह बढ़ी है। आरबीआई प्रणाली में पर्याप्त तरलता बनाए रखने, बैंक ऋण प्रवाह को आसान बनाने, वित्तीय दबाव को कम करने के लिए नए उपायों की घोषणा करेगा।”

शक्तिकांत दास ने कहा कि 50,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ एलटीआरओ-2.0 शुरू होगा। नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी जैसे वित्तीय संस्थानों को 50,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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